लिव लव लाफ...

टीएलएलएलएफ के बारे में

भारत में सिर्फ 3,500 प्रशिक्षित मनोचिकित्सक और इससे कम मनोवैज्ञानिक हैं। इसका मतलब है कि प्रति 10 लाख लोगों के लिए केवल 3 मनोचिकित्सक हैं। इससे भी बदतर यह है कि मानसिक बीमारी से जूझ रहे लोग और उनके परिवारों को इससे जुड़े कलंक और भेदभाव, उन्हें मार्गदर्शन प्राप्त करने से रोकता है।
द लिव लव लाफ फाउंडेशन की स्थापना दीपिका पादुकोण ने इस परिस्थिति को बदलने के लिए की, जिन्हें अपने करियर के शिखर के दौरान अवसाद का सामना करना पड़ा था।
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दोबारा पूछें जब आपको पता हो कि "मैं ठीक हूं, धन्यवाद" सच नहीं है।#DobaraPoocho

हमारा उद्देश्य

यह फाउंडेशन भारत में मानसिक स्वास्थ्य कारणों से रक्षा करने की तलाश करता है, विशेष रूप से अवसाद पर ध्यान केंद्रित करते हुए। जागरूकता फैलाने के साथ ही इसका उद्देश्य सहायता करना एवं विभिन्न आधारभूत गतिविधियां संचालित करना है, जैसे कि:
Training GPs

साधारण चिकित्सकों का प्रशिक्षण

मानसिक स्वास्थ्य स्थितियों के लिए रक्षा की पहली पंक्ति तैयार करने के लिए सामान्य चिकित्सकों को प्रशिक्षण देना।
National Database

राष्ट्रीय डाटाबेस

आसान पहुंच के लिए मानसिक स्वास्थ्य पेशेवरों के एक राष्ट्रीय डेटाबेस का निर्माण करना।
Helpline

हेल्पलाइन्स

वास्तविक स्वास्थ्य देखभाल पेशेवरों के साथ हेल्पलाईन्स विकसित करना।
Fundraising

धन उगाहना

धन उगाही के माध्यम से अभियान को आगे बढ़ाना
Collaborations

सहयोग

अन्य संगठनों और गैर-सरकारी संगठनों के साथ साझेदारी करना और निमहांस और टीआईएसएस जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ मजबूत संबंध स्थापित करना।
दीपिका, डिप्रेशन के साथ अपनी लड़ाई और टीएलएलएलएफ के बारे में उनके विचार। अधिक जानें
Deepika Padukone

उत्पत्ति

“15 फरवरी, 2014 की सुबह, मैं अपने पेट में गड़बड़ी की समस्या के साथ उठी थी। एक ओर, मैं पेशेवर रूप से बहुत अच्छी तरह काम कर रही थी, लेकिन दूसरी ओर, मुझे उदासी, खालीपन और दिशाहीन सा महसूस हो रहा था। सबसे बुरी बात यह थी कि मैं समझ ही नहीं सकी कि मेरे साथ क्या हो रहा था। हर सुबह उठना एक संघर्ष बन गया था। मैं व्यग्रता और अवसाद से पीड़ित थी।
मेरे माता पिता के प्रेम और समर्थन ने उन बुरे दिनों में मुझे सहारा दिया और प्रोत्साहित किया। समय पर पेशेवर सहायता प्राप्त करने की उनकी सलाह ने फायदा भी दिलाया। मैंने जैसे ही अवसाद के बारे में और अधिक जानना और पढ़ना शुरू किया, तो मुझे एहसास हो गया मेरे जैसे लाखों अन्य लोग थे।
जल्द ही, 2015 नव-वर्ष के दिन, मैंने व्यग्रता और अवसाद के अपने संघर्ष के बारे में दुनिया को बताने का फैसला इस उम्मीद के साथ किया, ताकि यह मेरे जैसे अन्य लोगों के लिए इस अभिशाप को तोड़ने और बाहर आकर सहायता ढूंढने के लिए प्रोत्साहित करेगा। छह महीने बाद, हमने द लिव लव लाफ फाउंडेशन की स्थापना की।”
Deepika Paduknone

कुछ आंकड़े

“जैसा कि मैंने अवसाद के विषय में खोजबीन शुरू की, तो मुझे एहसास हुआ कि हर 4 में से 1 व्यक्ति अपने जीवनकाल के दौरान व्यग्रता और अवसाद का अनुभव करता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, यह दुनिया के सामने आने वाली अगली सबसे बड़ी महामारी है!
हालांकि, अधिकांश लोग सहायता की तलाश नहीं करते, क्योंकि समाज ने अवसाद को एक तरह का अभिशाप बना दिया है, जिसके चलते ज्यादातर लोग इस डर से अपनी व्यथा प्रकट नहीं करते हैं कि कहीं समाज उन्हें या उनके प्रियजन को दिमागी रूप से कमजोर या पागल कहने न लगे।”
Deepika Padukone

आगे क्या होगा

“अगले कुछ सालों में, द लिव लव लाफ फाउंडेशन मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों के बारे में जागरूकता बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करेगा, मानसिक स्वास्थ्य को लेकर व्याप्त कलंक को कम करने, मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में अन्य एनजीओ के साथ मिलकर काम करने और अनुसंधान को प्रोत्साहित करेगा, जिससे स्थानीय समाधान तैयार करने में मदद मिलेगी।”
Deepika Padukone

हमसे जुड़ें

“इस प्रयास में मेरी सहायता करने और द लिव लव लाफ फाउंडेशन में योगदान देने के लिए मैं आपसे अनुरोध करती हूं। आपके योगदान का प्रत्येक रुपया भारत में मानसिक स्वास्थ्य के अभियान को आगे बढ़ाने में मदद करेगा। इस यात्रा पर मेरे साथ चलिए, ताकि अवसाद से पीड़ित अधिक से अधिक लोगों की बीमारी तक पहुंचें, बाहर आएं और मदद तलाशें।
स्टीफन फ्राई के शब्दों में:
“एक न एक दिन उजाला जरूर होगा...”

संरक्षक मंडल

Kiran Mazumdar Shaw
Dr. Shyam Bhat
Anna Chandy
Dr. Murali Doraiswamy
Anirban Das Blah
Nina Nair

किरण मजूमदार शॉ, सीएमडी, बायोकॉन

द लिव लव लाफ फाउंडेशन (टीएलएलएलएफ), जो अवसाद पर ध्यान केंद्रित करते हुए भारत में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता फैलाने का एक असाधारण काम कर रही है, का एक हिस्सा बनकर मुझे वास्तव में बहुत गर्व और खुशी है। टीएलएलएलएफ बोर्ड के एक सदस्य के रूप में, मैं भारत में मानसिक स्वास्थ्य के विषय में नीति को आकार देने के लिए अधिक सरकारी प्रतिबद्धता की मदद चाहती हूं। मुझे यह भी विश्वास है कि ज्यादा से ज्यादा समुदाय-आधारित कार्यक्रम जो मनोवैज्ञानिक विकारों के उपचार पर केंद्रित हैं, उम्मीद है कि इससे संबद्ध कलंक को दूर करने में उनसे मदद मिलेगी। भारत में हर 20 में से एक व्यक्ति अवसाद से प्रभावित है। हमें इन लाखों पीड़ित लोगों के जीवन में सुधार लाने का प्रयास करना चाहिए।

डॉ. श्याम के. भट

डॉ. श्याम के. भट(एमडी), एक मनोचिकित्सक और फिजिशियन हैं, और मनश्चिकित्सा, आंतरिक चिकित्सा और मनोदैहिक चिकित्सा में बोर्ड प्रमाणन के साथ स्नातकोत्तर प्रशिक्षित है। उनके पास 20 साल का अनुभव है और चिकित्सा के पूर्वी और पश्चिमी तरीकों के एकीकरण में उनकी विशेष रुचि है।

एन्ना चंडी

एन्ना के पास विकास कार्य, परामर्श, प्रशिक्षण और सलाहकार के रूप में 18 वर्ष से ज्यादा का अनुभव है। अन्ना इंटरनेशनल ट्रांजैक्शनल एनालिसिस एसोसिएशन द्वारा परामर्श में विशेषज्ञता के साथ एशिया के पहले प्रमाणित ट्रांजैक्शनल एनालिस्ट हैं। वह न्यूरो भाषाई प्रोग्रामिंग और आर्ट थेरेपी में प्रशिक्षित हैं और निजी प्रैक्टिस करने के अलावा कई संगठनों के साथ भी काम करती हैं।

डॉ. मुरली दोराईस्वामी

डॉ. मुरली दोराईस्वामी, ड्यूक यूनिवर्सिटी हेल्थ सिस्टम (यूएसए) में प्रोफेसर और चिकित्सक हैं और मस्तिष्क और मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में दुनिया के अग्रणी नैदानिक ​​विशेषज्ञ हैं। वह ड्यूक इंस्टीट्यूट फॉर ब्रेन साइंसेज के सदस्य भी हैं और एक प्रसिद्ध क्लिनिकल ट्रायल यूनिट का निर्देशन भी करते हैं, जो मानसिक स्वास्थ्य में आज व्यापक रूप से उपयोग किए जाने वाले कई चिकित्सा विकास में शामिल हैं। मुरली को उनके काम के लिए कई पुरस्कार मिले हैं, जिनमें रॉयल कॉलेज ऑफ फिजिशियन से विशिष्टता फैलोशिप और समुदायों की सेवाओं के लिए एक विशेष अमेरिकी कांग्रेशनल मान्यता है। वह अग्रणी सरकारी एजेंसियों, व्यवसायों और वकालत समूहों के सलाहकार रहे हैं, और विश्व आर्थिक मंच की ग्लोबल फ्यूचर कौंसिल ऑन न्यूरोटैक्नोलॉजीज और मस्तिष्क विज्ञान के सह-अध्यक्ष के रूप में कार्य करते हैं।

अनिर्बन दास ब्लाह

अनिर्बन सीएए क्वान के संस्थापक और प्रबंध निदेशक हैं। भारत की अग्रणी मनोरंजन कंपनियों के विकास में नेतृत्व की भूमिका निभाते हुए, उन्हें हिंदुस्तान टाइम्स ने भारत के सबसे प्रभावशाली विचारधारा के एक नेता के रूप में सूचीबद्ध किया था।

नीना नायर

नीना के पास शिक्षण, शिक्षा, विकास, मानव संसाधन और संगठन विकास में लगभग 30 साल का कार्यानुभव है। उन्होंने कई भूमिकाएँ निभाई हैं - एक हाई स्कूल शिक्षक, एक उद्यमी, ट्रेनर और एचआर के प्रमुख रह चुकीं हैं। वह फिलहाल (24)7 आईएनसी. (भारत एवं लैटिन अमेरिका) की वीपी और हेड एचआरडी हैं।

टीम से मिलिए

“यदि आप तेज़ी से जाना चाहते हैं, तो अकेले चलिए। यदि आप दूर तक जाना चाहते हैं, तो एक साथ चलें।”
- एक अफ्रीकी कहावत

अनीषा, मनोविज्ञान, समाजशास्त्र और अर्थशास्त्र में स्नातक की डिग्रीधारी हैं। कम उम्र से ही उनमें खेलों के प्रति जुनून रहा है। वह गोल्फ में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं और अब प्रोफेशनल गोल्फर होने के साथ ही फाउंडेशन में निदेशक की भूमिका के बीच तालमेल बनाकर चलती हैं। एक देखभालकर्ता होने और प्रत्यक्ष रूप से मानसिक बीमारियों के दुष्परिणामों को जानते हुए, वह मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक बदलाव लाने की उम्मीद करतीं हैं। रोजर फेडरर और टाइगर वुड्स की बड़ी प्रशंसक, अनीषा की कमजोरी खाना, बच्चे और कुत्ते हैं, लेकिन किस क्रम में उन्हें वे पसंद है उसे अभी सुनिश्चित नहीं कर पाईं हैं। वह दोपहर में अक्सर लंबी झपकी लेतीं हैं, लेकिन, कार्यकाल के दौरान नहीं।

अनीषा, निदेशक

अनुष्का ने सेंट जेवियर्स कॉलेज मुंबई से राजनीति विज्ञान का अध्ययन किया था, जिसके बाद उन्होंने अपने कैरियर की शुरूआत में भारत के कुछ बेहतरीन उपभोक्ता ब्रांडों के विज्ञापन और डिजिटल विपणन पर काम किया। कैरियर के शुरुआती दौर में, उन्हें नैदानिक ​​अवसाद से गुजरना पड़ा था। ठीक होने के बाद, उन्होंने अपना समय और प्रतिभा को दूसरों की मदद के लिए इस्तेमाल करने का फैसला किया। इस फाउंडेशन के लिए डिजिटल लीड के रूप में उनकी भूमिका ने वास्तविक और आभासी दुनिया में मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित रूढ़िवादिता और कलंक को तोड़ने में योगदान दिया है। हमेशा आशावादी रहने के साथ ही उनके अन्य जुनून खाना और चार पैरों वाले दोस्त हैं।

अनुष्का, डिजिटल लीड

ब्रायन इस फाउंडेशन में संचार रणनीति तैयार और मीडिया आउटरीच का प्रबंधन करते हैं। वह जन संचार में स्नातकोत्तर डिग्रीधारी हैं और सहयोग की शक्ति और 'जीवनभर छात्र' बने रहने के प्रति बड़े आस्तिक हैं। बेहतरीन परिणाम देने के लिए उन्हें संस्थापकों, नेताओं और उच्च-प्रदर्शन वाली टीमों के साथ मिलकर काम करने में आनंद प्राप्त होता है। ब्रायन जब काम पर नहीं होते हैं, तो अपनी पत्नी, कैरन, जो एक संगीत शिक्षक हैं और अपने छोटे बच्चों लॉरेन और स्टीफ़न के साथ समय बिताना पसंद करते हैं। वह लंबी दूरी की दौड़ और संगीत का आनंद भी लेते हैं, और पिछले 20 सालों के दौरान उन्होंने विभिन्न अभियानों के लिए धन उगाही के प्रयास में इन दोनों जुनूनों का इस्तेमाल किया है।

ब्रायन कार्वाल्हो, कम्युनिकेशन स्ट्रैटेजी एंड मीडिया आउटरीच

नताशा इस फाउंडेशन में स्कूलों के कार्यक्रम और ग्रामीण मानसिक स्वास्थ्य परियोजना का नेतृत्व करती हैं। वह एक प्रशिक्षित परामर्श मनोचिकित्सक हैं, जो किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य में गहरी रूचि रखती हैं। वह उस बदलाव से प्रेरित होती हैं जो वह हर रोज बीमारी से उबरने वाले व्यक्तियों में देखती हैं। वह इस फाउंडेशन में गुप्त रूप से एक कुत्ते को गोद लेने के लिए आवेदन कर रही हैं। उनका संगीत में अकथनीय स्वाद है और वह नाइन्टीज के पॉप संगीत को उत्सुकतापूर्वक सुनती हैं। विचित्र लेखन सामग्री से उन्हें प्यार है और उनके पास चिपकाने वाले बहुत सारे पोस्ट-ईट नोट्स हैं, जिनका क्या करना है वह नहीं जानती हैं।

नताशा, सीनियर प्रोग्राम एक्जीक्यूटिव

बारह साल के अनुभव के साथ एक भावपूर्ण विकास क्षेत्र की पेशेवर, नीति पुरस्वानी ने हमेशा जमीनी स्तर पर बदलाव के लिए काम किया है। टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (टीआईएसएस) से स्नातक के साथ ही सामाजिक कार्य में मास्टर्स कर चुकी नीती कई अभियानों की हिमायती रही हैं, बड़े काम करने के इच्छुक युवा छात्रों की मदद करने से लेकर फॉर्च्यून 50 संगठनों को अधिक समावेशी (इन्क्लुसिव) बनाने की मुहिम तक। वर्तमान में, नीती उन कार्यक्रमों को तैयार करने में सहायता करती हैं, जो भारत में मानसिक स्वास्थ्य कल्याण की वकालत करते हुए हानिकारक रूढ़िताओं का सफलतापूर्वक सामना कर रहे हैं। नीति जब बेंगलूर के ट्रैफिक से जूझ नहीं रही होती हैं, तो वह अपराध कथाओं में नवीनतम को पढ़ना, खाना पकाना और अपने (लगभग) प्यारे बेटे के साथ घूमना पसंद करती हैं।

नीति पुरस्वानी, प्रोग्राम मैनेजर

श्रेया कैलिफोर्निया के सांता बारबरा विश्वविद्यालय से हाल ही में मनोविज्ञान से स्नातक करने वाली मनोवैज्ञानिक हैं। टीम के शोध और आउटरीच समन्वयक के रूप में, वह तथ्यों और आंकड़ों के लिए इन-हाउस विकिपीडिया की तरह हैं। वह कभी-कभी इस फाउंडेशन की वेबसाइट पर लेख लिखती हैं और उम्मीद करती हैं कि विकासशील देशों में मनोवैज्ञानिक अनुसंधान के बढ़ते क्षेत्र में एक दिन योगदान करेंगी। वह अपना खाली समय गेम ऑफ थ्रोन और अन्य टीवी शो के बारे में अनुमान लगाते हुए, अपनी स्प्रेडशीट्स और इनबॉक्स सहित हर चीज की कलर कोडिंग करते हुए, और अभूतपूर्व स्तर पर सोशल मीडिया का उपभोग करने में बिताती हैं। वह इस सहस्राब्दि पीढ़ी की आदर्श प्रतीक हैं।

श्रेया अरागुला, रिसर्च एंड आउटरीच
Anisha
Anovshka
Brian
Natasha
Niti
Shreya

उज्ज्वल भविष्य की ओर

Projects we Fund

परियोजनाएं जिन्हें हम आर्थिक सहायता देते हैं

द लिव लव लॉफ फाउंडेशन ने 2016 में एसोसिएशन ऑफ पीपुल विथ डिस्एबिलिटी (एपीडी) के साथ गुणवत्तायुक्त मानसिक स्वास्थ्य उपचार प्रदान करने और मानसिक रोगियों (पीडब्ल्यूएमआईएस) को स्वास्थ्य लाभ में बढ़ावा देने के लिए हाथ मिलाया। उपचार शिविरों और सर्वेक्षणों के माध्यम से, हम हरिहर, जगलुरु, हरपनहल्ली और दावणगेरे तालुकों से 819 पीडब्ल्यूएमआईएस तक पहुंचे। एनजीओ के लिए बने समाधान सॉफ्टवेयर- गुंजन का उपयोग कर इन पीडब्ल्यूएमआईएस का एक डाटाबेस बनाया गया है। पीडब्ल्यूएमआईएस को यह भी आश्वस्त किया गया कि उन्हें चिकित्सा, परामर्श और दवा जैसी विभिन्न मनोरोग सेवाओं तक पहुंच प्राप्त होगी।

इस पहल के तहत, इन तालुकों में एपीडी पाक्षिक/मासिक स्वास्थ्य शिविरों और आवासीय कैंपों की मेजबानी करेगा और तालुके और पीएचसी (प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र) स्तरों पर वीआरडब्ल्यू, आशा कार्यकर्ता, एएनएम (सहायक नर्स मिडवाइफ) और स्वास्थ्य अधिकारियों को प्रशिक्षण प्रदान करेगा।


2017 - 2018 के लिए निमहांस के साथ साझेदारी

द लिव लव लाफ फाउंडेशन, दावनगेरे में मनोचिकित्सकों के द्वि-मासिक / हर पखवाड़े की यात्रा जारी रखने के लिए निमहांस के साथ भागीदारी पर गर्व करता है।

आप अकेले नहीं हैं।. ऐसे अन्य लोग हैं, जिनके पास ऐसे ही सवाल, चिंताएं और संदेह हैं।सहायता ढूंढें

अभी तक की यात्रा

हमने लोगों की मानसिक स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं से निपटने में मदद करने में, और इस विषय पर जागरुकता पैदा करने का एक लंबा सफर तय किया है। द लिव लव लाफ फाउंडेशन और इस मिशन के साथ जुडे लोगों का हम धन्यवाद करते हैं। आप एक अभिन्न अंग रहे हैं, मानसिक स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं के प्रति भारत को अधिक संवेदनशील बनाने में, और समर्थन, मार्गदर्शन और मानसिक स्वास्थ्य के विषय पर परामर्श की आवश्यकता वाले लोगों की मदद करने में। यह हमारी यात्रा में एक मील का पत्थर है। पिछले कुछ सालों में हमारी उपलब्धियों की एक झलक यह रही।

वित्त वर्ष 2017 - 2018 की वार्षिक रिपोर्ट

How India Perceives Mental Health - TLLLF 2018 National Survey Report

वित्त वर्ष 2016 - 2017 की वार्षिक रिपोर्ट

वित्त वर्ष 2015 - 2016 की वार्षिक रिपोर्ट

Since Launch

फाउंडेशन के मित्र

द लिव लव लॉफ फाउंडेशन ने मानसिक स्वास्थ्य व्यवधान और मार्गदर्शन के जरूरतमंद लोगों की मदद करने के लिए एक लंबा सफर तय किया है। हम अपने सभी दाताओं और स्वयंसेवकों का शुक्रिया अदा करना चाहते हैं जिन्होंने अपने उदार सहयोग से हमारे मिशन को सफल बनाने में मदद की।
दानदाता
  • पिरोजशा गोदरेज फाउंडेशन
  • दीपिका पादुकोण
  • किरण मजूमदार शॉ
  • जान्हवी नीलेकणी
  • मानसी किर्लोस्कर
  • मिनरल एंटरप्राइजेज लिमिटेड
  • जमनालाल बजाज सेवा ट्रस्ट
  • मीना गणेश
  • स्टेपेथलॉन लाइफस्टाइल प्राइवेट लिमिटेड
  • एन्ना चंडी
  • किशोर वी मारीवाला
  • प्रकाश और उज्जला पादुकोण
  • शालिनी रांडेरी
  • ट्राईडेंट ऑटोमोबाइल प्राइवेट लिमिटेड
  • बैंगलोर ईस्ट लेडी सर्कल
  • के. प्रभाकर
  • के. शांता
स्वयंसेवक
  • शेरिल एन्ना फिलिप
  • लॉ ऑफिस ऑफ नंदन कामथ
  • डीएनए नेटवर्क्स
  • डेविड लियानो
  • प्रकाश वर्मा और स्नेहा आईपे
  • रेशमा प्रकाश
  • जलजा पिल्लई
  • सुनीता शिवमणि
  • कोमल नारंग
  • रोनिता मुखर्जी
  • सुधा थिमैयाह
  • करिश्मा प्रकाश
  • जयंती साहा
  • तरुण विश्वा
  • विवेक शांगारी
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