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तनाव

तनाव हमेशा बुरा नहीं होता है। एक आदर्श परिदृश्य में, तनाव हमें केंद्रित, ऊर्जावान और सतर्क रहने में मदद करता है और हमें अतिरिक्त शक्ति और ऊर्जा प्रदान करने के लिए रसायन स्रावित करता है।

लेकिन जब तनाव बढ़ जाता है, तो यह आपके स्वास्थ्य, आपकी मनोदशा, आपकी उत्पादकता, आपके रिश्तों और जीने के तरीके को नुकसान पहुंचा सकता है।
तनाव को समझें
आप अकेले नहीं हैं। ऐसे अन्य लोग हैं, जिनके पास ऐसे ही सवाल, चिंताएं और संदेह हैं।सहायता ढूंढें

तनाव के प्रकार

तनाव के विभिन्न प्रकार हैं । तनाव प्रबंधन जटिल और भ्रामक हो सकता है क्योंकि तनाव के कई प्रकार हैं - तीव्र तनाव, अचानक होने वाला अत्यधिक तनाव, और चिरकालिक तनाव – इनमें से प्रत्येक अपनी विशेषताओं, लक्षणों, अवधि और उपचार दृष्टिकोण के साथ होता है।

शरीर पर तनाव का प्रभाव

अचानक होने वाला तनाव और समान रूप से होने वाला तनाव दोनों में ही समयावधि से ज्यादा होने पर गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। चिरकालिक तनाव आपके शरीर की लगभग हर प्रणाली में बाधा पहुंचाता है। यह रक्तचाप बढ़ा सकता है, प्रतिरक्षा प्रणाली को दबा सकता है, दिल का दौरा और स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है, बांझपन में योगदान देता है, उम्र बढ़ने की प्रक्रिया में तेजी लाता है और मानसिक और भावनात्मक समस्याओं के लिए आपको असुरक्षित छोड़ देता है।

तीव्र तनाव

यह तनाव का सबसे ज्यादा अनुभव किया जाने वाला प्रकार है, जो हाल ही की पिछली मांगों और दबावों से और निकट भविष्य की अपेक्षाओं से आता है। यह नई चुनौती, घटना या मांग पर आपके शरीर की होने वाली तत्काल प्रतिक्रिया है। इन प्रसंगवश घटनाओं से होने वाले तीव्र तनाव का स्वास्थ्य पर बहुत प्रभाव नहीं पड़ता, लेकिन बहुत ज्यादा तीव्र तनाव आपको थका हुआ महसूस करा सकता है।

प्रासंगिक तनाव

अक्सर अनुभव किए जाने वाले तीव्र तनाव को प्रासंगिक तनाव कहा जाता है। यह जीवन की उन कुछ परिस्थितियों का नतीजा है जब आप इनके बारे में बहुत अधिक सोचते हैं, और इसके साथ गति बनाए रखने में खुद को ढाल नहीं पाते हैं। अधिक प्रतिस्पर्धी होने के और मन के हमेशा चिंतित स्थिति में होने के कारण प्रासंगिक तनाव हो सकता है।

चिरकालिक तनाव

यह तनाव खुद को किसी परिस्थिति में फंसा हुआ महसूस करने से होता है। दूसरे शब्दों में, यदि तीव्र तनाव का समाधान नहीं होता है और लंबे समय तक जारी रहता है, तो यह गंभीर या चिरकालिक तनाव बन जाता है। यह आपके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है और कई गंभीर बीमारियों या स्वास्थ्य खतरों और कई गंभीर मामलों में, आत्महत्या तक के लिए भी प्रेरित कर सकता है।

अभिघातजन्य तनाव

यह किसी के बचपन में होने वाले संघर्ष, गरीबी, यौन या हिंसक प्रताड़ना के दर्दनाक अनुभवों से जुड़ा तनाव है। इससे व्यक्ति दुःस्वप्न और फ़्लैश बैक के माध्यम से दर्दनाक घटनाओं को फिर से अनुभव करते हुए एकाकी की भावना महसूस करता है।
Acute Stress

तीव्र तनाव

यह सबसे सामान्य प्रकार का तनाव है, और हमेशा नकारात्मक नहीं होता।
Episodic Stress

प्रासंगिक तनाव

इस तरह के तनाव से लोगों के लिए जीवनशैली का बदलना कठिनाई भरा हो सकता है, क्योंकि वे इसे अपनी जिंदगी का हिस्सा मानने लगते हैं।
Chronic Stress

चिरकालिक तनाव

यदि तीव्र तनाव का उपचार नहीं किया जाता और यह बढ़ता जाता है या बहुत लंबे समय तक रहता है, तो यह चिरकालिक या गंभीर तनाव बन जाता है।
Post-traumatic Stress

आघातजन्य तनाव

एक भयानक घटना के अनुभव या उसके बाद ठीक होने में विफलता इस तरह का तनाव पैदा करती है।

तनाव के कारण

हमें तनाव क्यों पैदा होता है, इसमें ‘सभी के लिए एक ही स्थिति’ जैसा कुछ नहीं है। हम में से प्रत्येक स्थिति के अनुसार अलग-अलग प्रतिक्रिया देते हैं, और तनाव की वजह परिवार, कैरियर आदि जैसे बाहरी कारकों से लेकर जीवन के प्रति हमारे दृष्टिकोण, जैसे नकारात्मकता और निराशावाद को लेकर होता है।
External Causes

बाहरी कारण

जीवन में बड़े परिवर्तन, कार्यस्थल या विद्यालय, रिश्तों से जुड़ी परेशानियां, वित्तीय समस्याएं, बहुत व्यस्तता, बच्चे और परिवार।
Internal Causes

आंतरिक कारण

तनाव के आनुवांशिक और हार्मोन संबंधी कारण, जो पुरानी चिंता, निराशावाद, नकारात्मक आत्म-चर्चा, अवास्तविक उम्मीदों / सर्वोत्कृष्ट की भावना, हठीली सोच, लचीलेपन की कमी, सभी कुछ या कुछ नहीं के रवैये से ज्यादा बढ़ते हैं।

तनाव के संकेत और लक्षण

यहां तनाव के कुछ सामान्य चेतावनी संकेत एवं लक्षण हैं। आप स्वयं में जितने ज्यादा संकेत या लक्षण पाते हैं, आप उतने ही ज्यादा तनाव से भरे हो सकते हैं।
Cognitive symptom


संज्ञानात्मक

याददाश्त की समस्या
ध्यान केंद्रित करने में असमर्थता
ख़राब निर्णय
केवल नकारात्मक पक्ष देखना
उत्सुकता भरे या उमड़ते विचार
लगातार चिंता
Emotional symptoms


भावात्मक

मन की अस्थिरता
चिड़चिड़ापन या तुरंत गुस्सा हो जाना
बेचैनी, आराम करने में असमर्थता
अभिभूत लगना
एकाकी और अलगाव की भावना
अवसाद या सामान्य दुःख
Physical symptoms


शारीरिक

दर्द एवं पीड़ा
दस्त या कब्ज
मतली, चक्कर आना
छाती में दर्द, दिल की धड़कन बढ़ना
सेक्स करने में कमी
बार-बार सर्दी जुकाम
Behavioural symptoms


व्यवहारात्मक

अधिक या कम भोजन करना
बहुत ज्यादा या बहुत कम सोना
अपने आप को दूसरों से अलग रखना
जिम्मेदारियों की उपेक्षा करना
शांत होने के लिए शराब, सिगरेट या दवा का सेवन करना
घबराहट भरी आदतें (जैसे कि नाखून चबाना, पैर हिलाते रहना)

किन चीजों से तनाव बढ़ सकता है

तनाव शरीर पर नकारात्मक प्रभाव डालता है, लंबे समय तक रहने पर यह तनाव से संबंधी कई बीमारियों या परेशानियों को जन्म दे सकता है। ये स्थितियां तनाव बढ़ने का कारण बन सकती हैं।

हृदय रोग और हृदय की समस्याओं

तनाव से संबंधित दो सबसे गंभीर स्वास्थ्य स्थितियां हैं - हृदय गति और उच्च रक्तचाप का बढ़ना, जो लंबे समय तक रहने से दिल के दौरे और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।

त्वचा में सूजन या जलन और संबंधित स्थितियां

तनाव हार्मोन के स्तर बढ़ने से संधिवात गठिया, छालरोग, एक्जिमा और त्वचा पर चकत्ते जैसे स्थितियों को बढ़ा सकता है। जलन या सूजन से होने वाली प्रतिक्रिया भी प्रतिरक्षा प्रणाली पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है।

अनिद्रा और नींद की समस्याएं

तनाव के कारण पैदा होने वाली चिंताओं से ज्यादातर समय मन सक्रिय रहता है, और इस तरह से जो लोग तनावग्रस्त होते हैं, उन्हें नींद लेना मुश्किल भरा (कभी-कभी असंभव) हो जाता है।

मांसपेशियों में दर्द और सिरद

तनाव से जुड़े हार्मोन के बढ़ने के स्तर की वजह से मांसपेशियों में तनाव पैदा हो सकता है और लंबी अवधि में दर्द, कठोरता और सिरदर्द भी हो सकता है।

पाचन समस्याएं और आईबीएस

पेट संबंधी समस्याएं जैसे चक्कर आना, पेट में दर्द जैसे गैर चिकित्सकीय कारण अक्सर तनाव से संबंधित हो सकते हैं। जो लोग लंबे समय से अवसादग्रस्त होते हैं वे अक्सर उद्दीप्य आंत्र सिंड्रोम (इर्रीटेबल बाउल सिंड्रोम) से पैदा होने वाली स्थिति की शिकायत करते हैं और यह आंशिक रूप से तनाव से संबंधित होती है।

मोटापा

जब लोग तनाव में होते हैं तो वे अनुपयुक्त खाना खाने लगते हैं, विशेष रूप से उच्च शक्कर युक्त भोजन, जो उनका वजन बढ़ने का कारण बन जाता है, जो बाद में तनाव की तीव्रता बढ़ाता है।

स्मृति की हानि

तनाव हार्मोनों का लगातार अधिक स्राव स्मृति और अन्य बुनियादी मानसिक क्रियाओं को नुकसान पहुंचा सकता है। तनाव, मन को अति उत्तेजित या विचलित करने का कारण बन सकता है, जिससे याद रखने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। भावनात्मक आघात के कारण होने वाले तनाव से स्मृति हानि हो सकती है।

अवसाद और चिंता

तनाव से सामना करने में असमर्थ लगना और हर समय चिंतित रहना भी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं जैसे कि अवसाद और चिंता का कारण बन सकता है।

मैं अपनी मदद खुद कैसे कर सकता हूं

अपनी मदद खुद करने की ओर पहला कदम है इस बारे में जागरूक होना कि आपको तनाव है और यह स्वीकार करना कि इसे ठीक किया जा सकता है। इसके बाद, इन गतिविधियों में से कुछ को अपनी दैनिक दिनचर्या में शामिल करने का प्रयास करें, ताकि आप तनाव प्रबंधन को अपनी जीवन शैली का हिस्सा बना सकें।
Do something you enjoy

ऐसा कुछ करें जिसका आप आनंद लेते हों

अपने पालतू पशु को गले लगाकर प्यार करना, चित्रकारी, बागवानी, या अपने पसंदीदा गीतों को सुनने के लिए कुछ समय देनी, अपने आप का आनंदित करना मानसिक तनाव को कम कर सकता है।
Talk to someone

किसी से बातचीत करें

उन लोगों से बात करें जिन पर आप भरोसा करते हैं और आप उनसे अपने भयानक डर और भावनाओं का खुलासा कर सकते हैं। उन परिवार या दोस्तों से बात करें, जिनके लिए आप जानते हैं, कि वे आपकी आलोचना नहीं करेंगे।
Write down your feelings

अपनी भावनाओं को लिखें

अपने विचारों को लिखें और उन चीजों को प्रतिबिंबित करें जिनसे आपको तनाव पैदा होता है। यह प्रक्रिया न सिर्फ आपको अपनी भावनाएं व्यक्त करने का स्थान देगी, बल्कि कारणों को भी समझेगी, जो तनाव पैदा करती हैं।
Exercise

योग, ध्यान या कसरत की कोशिश करें

एक साधारण 30 मिनट के योग या कसरत के सत्र में खुशी पैदा करने वाले हार्मोन स्रावित होते हैं और इनसे तनाव से मुकाबला करने में मदद मिलती है।
Eat well

एक संतुलित आहार खाएं

ग्रीन टी के साथ एक कटोरा सलाद या कुछ कटे फल लेने की कोशिश करें। ताजे फल और सब्जियां विटामिन और खनिज प्रदान करती हैं जो तनाव को कम करने में सहायता करते हैं।
Hospital

पेशेवर की मदद लें

यदि आप इन परिस्थितियों से निपट पाने में आश्वस्त नहीं हैं, तो एक पेशेवर से मदद लेने का समय है। सहायता लेने से आपको तनाव प्रबंधन कौशल विकसित और मजबूत करने में मदद मिलेगी।
स्कूल हमारे युवाओं में भावनात्मक और मानसिक स्वास्थ्य विकारों से रक्षा के लिए पहली पंक्ति हो सकते हैं।#YouAreNotAlone

मैं किसी और की मदद कैसे कर सकता हूँ

आप जानते हैं कि आपके मित्र या आपके परिवार के सदस्य तनाव में हैं और इसका सामना करने में परेशानी महसूस कर रहे हैं। ऐसे में मानसिक स्वास्थ्य पेशेवरों से मदद मांगना आवश्यक है, यह भी महत्वपूर्ण है कि आप खुद भी आगे बढ़ें और उन्हें सहयोग प्रदान करें।
Listen

बात सुनें

कभी-कभी, जो व्यक्ति तनावग्रस्त है, वह चाहता है कि कोई ऐसा व्यक्ति हो जो उसकी कहानी सुने। पर्याप्त समय लेकर आप उसकी बात सुनें कि वह क्या कहना चाहता है। बस एक खुले दिमाग और गैर-अलोचनात्मक तरीके से उसे सुनें।
Use physical gestures

शारीरिक इशारों का उपयोग करें

मुस्कुराते हुए, हाथ पकड़ते हुए, गले लगाते हुए, कंधा बढ़ाते हुए आदि ऐसे इशारे हैं, जो तनाव के स्तर को नीचे लाने में मदद करते हैं। अपने लाभ के लिए उन्हें इस्तेमाल करें
Play games

मज़ेदार गतिविधियों में शामिल करें

यह बहुत अच्छा होगा यदि आप उस व्यक्ति को उस गतिविधि में शामिल होने की पेशकश कर सकते हैं जिसका वह आनंद लेता है - यह मॉर्निंग वॉक हो सकता है, उसके पसंदीदा रेस्तरां में भोजन का आनंद लेना, या एक नाटक देखने बाहर जाना या फिर कहीं बाहर की यात्रा पर जाना हो सकता है।
Follow up

आगे की कार्रवाई

उन्हें दिखाएं कि आप वास्तव में उनकी देखभाल करते हैं। हो सकता है कि हर बार वे इसे पसंद नहीं करें, लेकिन आपको लगातार उनके संपर्क में रहना होगा।
Seek help

सहायता प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित करें

व्यक्ति को बताएं कि सहायता लेना एक अच्छा उपाय है और उन्हें समझाएं कि यह किस तरह फायदेमंद है। यह बेहतर होगा यदि आप व्यक्ति को मानसिक स्वास्थ्य पेशेवर से समय लेने के लिए समझाएं और उनके साथ वहां जाने की पेशकश भी कर सकते हैं।

FAQs

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या तनाव हमेशा बुरा होता है?
नहीं, तनाव हमेशा बुरा नहीं होता है कभी-कभी, यह फायदेमंद हो सकता है और प्रेरणादायक भी हो सकता है उदाहरण के लिए, परीक्षाओं या कार्य संबंधी स्थितियों के दौरान होने वाला तनाव हमें ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रेरित करता है। हालांकि, यह तनाव भारी हो सकता है और नकारात्मक प्रतिक्रियाओं का कारण बनने के साथ ही कई स्वास्थ्य समस्याओं को प्रकट कर सकता है।
मुझे वास्तव में कब अपने तनाव स्तर को गंभीरता से लेना चाहिए?
बिल्कुल अभी! तनाव प्रबंधन एक निरंतर और दैनिक प्रक्रिया है, और इसे जीवनशैली की आदत बनाने में कभी भी बहुत जल्दी या बहुत देर जैसी स्थिति नहीं है।
जब मुझे लगता है कि मैं तनाव से निपटने में असमर्थ हूँ, तब क्या करना सबसे अच्छा रहेगा?
एक मानसिक स्वास्थ्य पेशेवर से मिलें। वह आपकी स्थिति के बारे में आपको अधिक बता पाएगा/पाएगी। हालांकि, कई तरीके हैं, जिनसे आप खुद की सहायता कर सकते हैं, लेकिन आपको सबसे ज्यादा फायदा तब मिलेगा, जब आप एक मानसिक स्वास्थ्य पेशेवर द्वारा निर्देशों पर चलते हैं।
क्या तनाव भावनाओं को नियंत्रित करने और स्थितियों पर प्रतिक्रिया करने की मेरी क्षमताओं पर असर डालता है? क्या यह ज्यादा होता है?
तनाव के सामान्य लक्षणों में आसानी से उत्तेजित हो जाना और मन अस्थिर रहना, इस भावना से डर लगते रहना कि आप स्थिति पर नियंत्रण खो रहे हैं, मूल्यहीनता की भावना का अनुभव करना, और आराम कर पाने में असमर्थ होना शामिल है। इन लक्षणों से गहरी शारीरिक अभिव्यक्ति भी प्रकट हो सकती है।
क्या दवाएं तनाव से निपटने में मदद करती हैं?
थोड़ी अवधि के लिए दवा लेने पर दवाएं मदद करती हैं, लेकिन तनाव से निपटने के लिए लंबा प्रभावी समाधान तनाव मुक्ति और प्रबंधन तकनीकों को अपनाना है। दवा लेने से पहले एक मनोचिकित्सक से परामर्श लें।
क्या तनाव और चिंता एक ही चीज होती है?
हालांकि, रोज़ाना की बातचीत में दोनों ही शब्दों का एक दूसरे के लिए प्रयोग किया जाता है, लेकिन वे समान नहीं हैं। तनाव शरीर की प्रतिक्रिया है, उस स्थिति के लिए जिसमें शारीरिक, मानसिक या भावनात्मक समायोजन या प्रतिक्रिया की आवश्यकता होती है। इसके सकारात्मक और नकारात्मक प्रभाव दोनों हो सकते हैं। इसके विपरीत चिंता, अक्सर भय, बेचैनी या बुरे विचारों की जगह से आता है। हालांकि हमारे दिन-प्रतिदिन में चिंता का अनुभव आम है, यह स्वयं भी खलबली, भय, सामाजिक चिंता और कई अन्य संबंधित लक्षणों को प्रकट कर सकती है।
क्या मुझे अपने परिवार और दोस्तों को बताना चाहिए कि तनाव के लिए मेरा इलाज चल रहा है?
हाँ, ऐसी कोई वजह नहीं कि इस बारे में आप उन्हें न बताएं। हालांकि इसके लिए अपने विवेक का उपयोग करें।
क्या मेरे दोस्त सोचेंगे कि मैं मूर्ख हूं, क्योंकि अपने तनाव संबंधी मामलों को लेकर मैं एक मानसिक स्वास्थ्य पेशेवर के पास जा रहा हूं?
वायरल बुखार से पीड़ित होने या हड्डी टूटने के बाद जब आप एक चिकित्सक को दिखाते हैं, क्या तब भी आप इतने ही शंका से भरे होते हैं? यदि जवाब नहीं है, तो जब आप मानसिक स्वास्थ्य पेशेवर से मिल रहे हैं तब यहां भी वही लागू होता है। आप सिर्फ इसी इरादे से एक पेशेवर की मदद ले रहे हैं।
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