लिव लव लाफ...
Rural Program

ग्रामीण कार्यक्रम

वर्ल्ड बैंक के 2018 के अनुमान के मुताबिक लगभग 66 प्रतिशत भारतीय जनता ग्रामीण समायोजन में रहती है। किसी भी दूसरी बीमारी की तरह मानसिक बीमारी भेदभाव नहीं करती और यह किसी भी उम्र, लिंग और सामाजिक-आर्थिक स्थिति के लोगों को प्रभावित कर सकती है। द लिव लव लाफ फाउंडेशन अपने ग्रामीण मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के माध्यम से संवेदनशील लोगों के समर्थन और ग्रामीण समुदायों में, जहां मानसिक स्वास्थ्य सम्बन्धी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं, वहां मानसिक स्वास्थ्य देखभाल को मुफ्त में उपलब्ध कराने की जरुरत को पहचानता है।
ग्रामीण कार्यक्रम वीडियो

कार्यक्रम के बारे में

हमारे ग्रामीण सामुदायिक मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम की शुरुआत 2016 में हुई थी। इसका मकसद कम आय या हाशिए पर रहने वाले समुदायों के लोगों को मानसिक स्वास्थ्य सहायता प्रदान करना, हर परियोजना के लिए हस्तक्षेप का एक स्थायी मॉडल विकसित करना और ग्रामीण समुदाय-आधारित मौलिक अनुसंधान का संचालन करना और इस के लिए डेटा एकत्रित करता है।


हमारे कार्यान्वयन भागीदारों के माध्यम से कार्यक्रम यह भी सुनिश्चित करता है कि लाभार्थियों को मुफ्त मनोचिकित्सा उपचार, अपने और अपने परिवार के लिए समर्थक समूह देखभाल, सरकारी योजनाओं तक पहुँच और व्यावसायिक प्रशिक्षण प्राप्त हो। यह कार्यक्रम दीवार लेखन और नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से भी जागरूकता पैदा करता है और स्थानीय समुदायों में मानसिक बीमारी से जुड़े कलंक को कम करता है।



वितरण की विधि: कार्यान्वयन भागीदार
भाषा: स्थानीय क्षेत्रीय भाषा
भूगोल: कर्नाटक और उड़ीसा, भारत
मानसिक बीमारी से पीड़ित लोगों (पीडब्लूएमआई) के लिए

मानसिक बीमारी से पीड़ित लोगों को वापस मुख्यधारा से जोड़ने के लिए मुफ्त मनोरोग उपचार, नियमित सहायक समूह की बैठकें, सरकारी योजनाओं तक पहुंच और व्यावसायिक प्रशिक्षण उपलब्ध करवाते हैं।



देखभालकर्ताओं और परिवार के लिए

नियमित सहायक समूह की बैठकें और मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता शिविर आयोजित करते हैं, प्रशिक्षण के माध्यम से देखभालकर्ताओं के देखभाल करने की क्षमताओं को बढ़ाने में मदद करते हैं, देखभालकर्ताओं को अपने स्वास्थ्य की जरूरतों का ध्यान रखने के काबिल और अपने परिवार का आर्थिक रूप से समर्थन करने में सक्षम बनाते हैं।

समुदाय के लिए

समुदाय आधारित जागरूकता कार्यक्रम, जिला और ग्रामीण स्तर के स्थानीय समूहों का गठन एवं भागीदारी और पक्षसमर्थन (ऐड्वकसी) के लिए प्रशिक्षण जैसी परियोजनाएं जो स्थायी मॉडल की तरफ बढ़ने में मदद करती हैं।



सरकार का समर्थन

जिला प्राधिकारी समुदाय में रहने वाले फ्रंटलाइन सरकारी कार्यकर्ताओं की मदद से मानसिक स्वास्थ्य के बारे में जागरूकता पैदा करने में समर्थन करते हैं, यह सुनिश्चित करते हैं कि स्थानीय अस्पतालों में दवा का स्टॉक हो और स्थानीय चिकित्सा अस्पतालों और कॉलेजों को शामिल करते हैं । सरकारी पक्षसमर्थन (ऐड्वकसी) आधारित भागीदारी जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम में चल रही गतिविधियों को जोड़ती है।

कार्यक्रम में शामिल प्रमुख हितधारक
  • समुदाय के सदस्य
  • फंडिंग भागीदार
  • समुदाय आधारित संगठन
  • मनोरोग डॉक्टर
  • फ्रंटलाइन चिकित्सा कार्यकर्ता
  • जिला स्तरीय सरकारी प्राधिकारी

2016 में हुए प्रक्षेपण से लेकर अब तक

2773 प्रत्यक्ष लाभार्थियों का इलाज

(2173 ऐपीडी + 600 देखभालकर्ता)

हमारी पहुंच

(1) कर्नाटक का दावणगेरे और गुलबर्गा जिला
(2) उड़ीसा के कोरापुट जिले का लक्ष्मीपुर ब्लॉक

कार्यान्वयन भागीदार

(1) द एसोसिएशन ऑफ़ पीपल विथ डिसेबिलिटी

(2) कैरर वर्ल्डवाइड (भारत)

Since Launch
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