फाउंडेशन के बारे में


“लिवलवलाफ हर उस व्यक्ति को उम्मीद देना चाहता है जो तनाव, चिंता और अवसाद का सामना कर रहा है।”

अपने आशय में लिवलवलाफ एक सोच, एक आंदोलन है, और उम्मीद का रूपक है।चिंता और अवसाद की अपनी व्यक्तिगत यात्रा से उबरकर अभिनेत्री दीपिका पादुकोण ने लिवलवलाफ (एल एल एल) की स्थापना 2015 में की थी। यह फाउंडेशन ज्ञान और प्रक्षेत्र विशेषज्ञता के मेल से मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाता है, मानसिक बीमारी से जुड़े कलंक को मिटाता है और मानसिक स्वास्थ्य के बारे में भरोसेमंद संसाधन उपलब्ध करवाता है।

एल एल एल के कार्यक्रम और आउटरीच गतिविधियां भागीदारी और सहयोग के माध्यम से संचालित और कार्यान्वित किए जाते हैं।

संस्थापक


“मुझे अब भी याद है कि 15 फरवरी 2014 की सुबह मैं अपने पेट में एक खोखलेपन के एहसास के साथ जगी थी। मुझे खालीपन और दिशाहीनता महसूस हो रही थी। मैं चिड़चिड़ी हो गयी थी और सिर्फ रोती रहती थी। मुझे एक साथ बहुत सारे काम करना पसंद है पर अब निर्णय लेना भी अचानक से एक बोझ जैसा लगने लगा था। हर सुबह जागना एक संघर्ष बन गया था। मैं थक चुकी थी और अक्सर सब कुछ छोड़ देने के ख़्याल आते थे।


“मेरी माँ को एहसास हुआ कि कुछ गड़बड़ है और इसलिए उन्होंने मुझे किसी पेशेवर से मदद लेने के लिए कहा। इसके बाद मेरा उत्कंठा और अवसाद का निदान हुआ।


“जो प्यार और समर्थन मुझे अपने परिवार, काउंसेलर और मनोचिकित्सक से मिला उससे उन अंधकारमय दिनों में मेरा हौसला बना रहा।

''इस स्थिति से उबरने की यात्रा के दौरान मुझे मानसिक बीमारी से जुड़े कलंक और इसके प्रति जागरूकता की कमी का आभास हुआ और ऐसा लगने लगा कि मुझे कम से कम एक जान तो बचानी ही है। इसी ज़रूरत से मुझे अपनी बीमारी का सार्वजनिक रूप से खुलासा करने और द लिव लव लाफ फाउंडेशन की स्थापना करने की प्रेरणा मिली।

“मानसिक बीमारी ने हमारे सामने एक बेहद कठिन चुनौती पेश की है। पहले से कहीं ज़्यादा आज के समय की मांग यही है कि हम मानसिक बीमारी से जूझ रहे लोगों सहित हर व्यक्ति की ज़रूरतों को प्राथमिकता दें। 

“इस बीमारी के साथ मेरा रिश्ता कभी प्यार तो कभी नफरत भरा रहा है और इसने मुझे बहुत कुछ सिखाया है - धीरज रखना, यह कि आप अकेले नहीं हैं और सबसे ज़रूरी बात यह कि उम्मीद कायम है।"

ट्रस्टी के बारे में

डॉ श्याम भट


चेयरमेन, बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज

डॉ श्याम भट एक साइकियाट्रिस्ट एवं फिजिशियन हैं। उन्होंने पोस्ट ग्रेजुएट ट्रैनिंग और तीन विभागों – साइकियाट्री, इंटरनल मेडिसिन और साइकोसोमेटिक मेडिसिन में अमेरिकन बोर्ड सर्टिफिकेशन प्राप्त किए हैं। इन योग्यताओं के साथ उनके पास 20 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे पूर्वी दर्शन और उपचार पद्धतियों की गहरी समझ रखते हैं। उन्हें भारत में इंटीग्रेटेटिव मेडिसिन और होलिस्टिक साइकियाट्री का अग्रणी माना जाता है। 

एना चैंडी


ट्रस्टी

एना चैंडी भारत के मानसिक स्वास्थ्य क्षेत्र से लगभग तीन दशकों से जुड़ी हुई हैं। लोगों और परिवारों को सलाह देना, साइकोएजुकेशन, काउंसेलरों को ट्रेनिंग देना और मेंटरिंग करना एवं सामुदायिक स्तर पर हस्तक्षेप करना उनके कार्यों में शामिल हैं। प्रैक्टिस में अंतरराष्ट्रीय स्तर और नैतिक व संबंधपरक दृष्टिकोण का पक्षसमर्थन के माध्यम से एना ने भारत में काउंसेलिंग पेशे में बदलाव लाने में अहम भूमिका निभाई हैं।   

किरण मजूमदार शॉ


ट्रस्टी

किरण मजूमदार-शॉ बायोकॉन की एग्जीक्यूटिव चेयरपर्सन हैं। वे एक अग्रणी बायोटेक आंत्रप्रेन्योर (उद्यमी) और उन्हें 2005 में पद्म भूषण और 1989 में पद्म श्री दिया गया था। किफायती स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के प्रति प्रतिबद्ध किरण को वैश्विक स्तर पर कई सम्मान मिले हैं। गेट्स फाउंडेशन के "गिविंग प्लेज" पर हस्ताक्षर करने वाली दूसरी भारतीय हैं। 

डॉ मुरली दोराईस्वामी


ट्रस्टी

डॉ मुरली दोराईस्वामी ड्यूक यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन (यूएसए) में साइकियाट्री और मेडिसिन के प्रोफेसर हैं और ड्यूक इंस्टिट्यूट ऑफ ब्रैन साइंसेस के सदस्य भी हैं। वे प्रमुख सरकारी एजेंसियों, व्यवसायों, पक्षसमर्थक समूहों के सलाहकार रहे चुके हैं और वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के ग्लोबल फ्यूचर काउंसिल ऑन मेंटेल हेल्थ के को-चेयर की भूमिका भी निभा चुके हैं। 21वीं सदी में आधुनिक विकास के कारण उत्पन्न समाज में बड़ी चुनौतियों का समाधान करने में मदद करने के लिए दिमाग और बिहेवियरल रिसर्च के लिए अनुदान बढ़ाने के अग्रणी पक्षसमर्थक हैं।

अनंत नारायणन


ट्रस्टी

अनंत नारायणन भारत में कंज्यूमर इंटरनेट स्पेस में इन्वेस्टर और आंत्रप्रेन्योर हैं। वह मेन्सा ब्रांड्स के संस्थापक हैं जिसका उद्देश्य डिजिटल-फर्स्ट ब्रांड्स में निवेश और उनके संस्थापकों के साथ काम करना और उन्हें वैश्विक स्तर पर स्केल-अप करना है। कुछ समय पहले तक वे मेडलाइफ के सह-संस्थापक और सीईओ थे, जो भारत की सबसे बड़ी ई-हेल्थ कंपनियों में से एक है, और जिसके फार्मइज़ी के साथ मर्ज होने के बाद यह एक अरब डॉलर से अधिक का कारोबार बन गया। इससे पहले वे मिंत्रा और जाबोंग के सीईओ थे जो फैशन और लाइफस्टाइल प्रोडक्टस के क्षेत्र में देश का सबसे बड़ा प्लेटफॉर्म है। मिंत्रा जॉइन करने से पहले अनंत 15 वर्षों तक मैकिन्से एंड कंपनी में डायरेक्टर थे।

टीम से मिलें

अनीशा पादुकोण


सीईओ

लिवलवलाफ में अनिशा प्रोग्राम डेवलपमेंट, फंडरैज़िंग, पॉलिसी की पहुँच को बढ़ाना और दूसरे क्षेत्रों का नेतृत्व करती हैं। सीईओ के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान एलएलएल भारत के मानसिक स्वास्थ्य क्षेत्र में एक प्रमुख आवाज के रूप में उभरी है, जो हाशिए पर रहने वाले समुदायों में प्रभावशाली बदलाव ला रही है।

अनिशा ने साइकोलॉजी, सोशियोलॉजी और इकोनॉमिक्स में डिग्री हासिल की है। उन्होंने हार्वर्ड बिजनेस स्कूल और अशोका यूनिवर्सिटी से स्ट्रैटेजिक नॉन-प्रॉफिट मैनेजमेंट में एक प्रोग्राम पूरा किया है।

वे वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के ग्लोबल फ्यूचर काउंसिल फॉर मेंटल हेल्थ की सदस्य रह चुकी हैं। साथ ही, वे पेशेवर गोल्फ खिलाड़ी हैं और उन्होंने अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में भारत का प्रतिनिधित्व किया है।


ब्रायन कार्वाल्हो


हेड ऑफ कम्यूनिकेशन्स एण्ड पीआर

ब्रायन फाउंडेशन की कम्यूनिकेशन्स नीतियाँ तय करते हैं और मीडिया आउटरीच को देखते हैं। उन्होंने मास कम्यूनिकेशन में मास्टर्स डिग्री हासिल की है और वे सहयोग की शक्ति और 'जीवन भर विद्यार्थी' बने रहने में विश्वास रखते हैं। उन्हें फाउंडर्स, लीडर्स और हाई परफॉरमेंस टीमों के साथ मिलकर काम करके बेहतरीन परिणाम हासिल करने में मज़ा आता है। जब वे काम नहीं कर रहे होते हैं तब ब्रायन को अपने परिवार के साथ समय बिताना सबसे ज़्यादा पसंद है। उन्हें लॉन्ग डिस्टेंस रनिंग और म्यूजिक का भी शौक है और वे दो दशकों से अधिक समय से विभिन्न उद्देश्यों के लिए धन जुटाने के प्रयासों का समर्थन करने के लिए इन दोनों का उपयोग कर रहे हैं।

लेखा गोंधकर


हेड ऑफ डिजिटल एण्ड कॉर्पोरेट

लेखा टेक्नॉलजी और मैनेजमेंट में पारदर्शी हैं और वे इसका उपयोग फाउंडेशन के डिजिटल पोर्टफोलियो का नेतृत्व करने के लिए करती हैं। साथ ही वे लिवलवलाफ के कॉर्पोरेट प्रोग्राम का नेतृत्व भी करती हैं।

इससे पहले, वे मल्टीनैशनल प्रोडक्ट डेवलपमेंट संगठनों में उच्च पदों पर रही हैं और उन्होंने वैश्विक बाजारों में उच्च गुणवत्ता वाले सॉफ्टवेयर प्रोडक्टस वितरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। पर्याप्त मूल्य बढ़ाने और सफलता प्राप्त करने में एग्जीक्यूटिव लीडरशिप टीमों जैसे विभिन्न हितधारकों के साथ संपर्क करने का उनका अनुभव सहायक रहा है।

सामाजिक मुद्दों के प्रति लेखा का जुनून और प्रभावी पहल के महत्व पर विश्वास उन्हें सकारात्मक बदलाव का पक्षसमर्थक बनाता है। जीवन के प्रति उत्साह, प्रतिबद्धता-पूर्ण दृष्टिकोण और सकारात्मक रवैया उनके काम और जीवन में सहायक रहे हैं।

लेखा ने यूसीएलए से जनरल मैनेजमेंट में पोस्टग्रैजुएशन और लीडरशिप फॉर मेंटल हेल्थ में सर्टिफिकेशन किया है। 


मेरिन फिलिप


डोनर इंगेजमेंट मैनेजर

मेरिन ने महात्मा गांधी यूनिवर्सिटी से इकोनॉमिक्स में मास्टर्स और कोचीन यूनिवर्सिटी ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज से पब्लिक रिलेशन्स में पीजी डिप्लोमा किया है। वे इकोनॉमिक्स और अंग्रेजी की शिक्षिका रही हैं और लोगों को अपना सबसे अच्छा प्रदर्शन करने में मदद करने के उनके जुनून ने उन्हें मानव संसाधन और अंत में सामाजिक विकास क्षेत्र में लंबे समय तक काम करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कई संस्थाओं के साथ सीएसआर पार्टनरशिप स्थापित की है, प्रोग्राम के लाभार्थियों के साथ कॉर्पोरेट वालंटियर्स के मिलने के अवसरों का आयोजन किया है और बड़े प्रोग्रामों के लिए धन जुटाया है। उनका मानना है कि सभी उम्र और स्तरों के लोग अच्छे मानसिक स्वास्थ्य के हकदार हैं और इस विश्वास के साथ काम करती हैं कि अच्छा मानसिक स्वास्थ्य सम्पूर्ण कल्याण की कुंजी है। उनके परिवार और दोस्तों से मिलने वाला प्यार और हँसी और दिनचर्या में फिटनेस की मदद से वे खुश रहती हैं। 

वेंकट गोपाल कृष्णन


फाइनेंस मैनेजर

वेंकट ने आंध्र यूनिवर्सिटी से बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन और सामाजिक कार्य में मास्टर्स और बेरहामपुर यूनिवर्सिटी से कॉमर्स में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है। कैथोलिक हेल्थ एसोसिएशन ऑफ इंडिया, चाइल्डफंड इंटरनेशनल और अजीम प्रेमजी फाउंडेशन जैसे राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के साथ उन्होंने विकास क्षेत्र में 23 वर्षों से अधिक समय तक काम किया है। वे अकाउंट्स और फाइनेंस में पारदर्शी हैं। वेंकट को बैडमिंटन खेलना, क्रिकेट देखना और अपने आसपास के समुदाय के साथ घुलना-मिलना पसंद है।

सूफिया सहर घोरी


डिजिटल मार्केटिंग मैनेजर

सूफिया ने सिम्बायोसिस इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी से कम्यूनिकेशन मैनेजमेंट (संचार प्रबंधन) में एमबीए और माउंट कार्मेल कॉलेज से बिजनेस मैनेजमेंट में स्नातक की डिग्री हासिल की है। रिटेल, एफएमसीजी, लग्जरी, ऑटो, कॉरपोरेट जैसे उद्योगों में ब्रांडों के डिजिटल और सोशल मीडिया मार्केटिंग प्रयासों और एम्प्लॉयर ब्रांडिंग घोषणापत्रों पर बड़े पैमाने पर काम करने के कारण वे डिजिटल इकोसिस्टम को बहुत अच्छे से समझती हैं। अपने मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने से जो परिवर्तन आता है वे उसपर दृढ़ विश्वास रखती हैं और उम्मीद करती हैं कि एक दिन मानसिक स्वास्थ्य के लिए मदद मांगना उतना ही सामान्य होगा जितना कि व्यायाम करना या अपने शारीरिक स्वास्थ्य को नियंत्रण में रखने के लिए जिम जाना है। फुरसत के पल सूफिया खाना बनाकर, घूमकर, नए रेस्तरां आज़माकर, अपने परिवार के साथ समय बिताकर और बिंज वाच के लिए रोमांचक शो की खोज करके बिताना पसंद करती हैं। 

पृथा बनर्जी


कॉर्पोरेट प्रोग्राम मैनेजर

पृथा ने अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी, बैंगलोर से डेवलपमेंट स्टडीस में मास्टर्स और सोफिया कॉलेज, मुंबई से सोशियोलॉजी और साइकोलॉजी में बैच्लर्स किया है। वे पिछले 7 सालों से विकास क्षेत्र में प्रोग्राम से जुड़ी भूमिकाओं और पार्टनरशिप और डोनर मैनेजमेंट भूमिकाओं में काम कर रही हैं। उन्होंने टाटा ट्रस्ट्स, अक्षय पात्र फाउंडेशन, नैसकॉम फाउंडेशन, सत्व कंसल्टिंग आदि संगठनों के साथ काम किया है।

उनका मानना है कि मानसिक स्वास्थ्य हर व्यक्ति की बुनियादी जरूरतों में से एक है जिसके बिना किसी के स्वयं को समझने की यात्रा समग्र नहीं होगी। पृथा अपने व्यक्तिगत और व्यावसायिक क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाने और मानसिक स्वास्थ्य को एक आवश्यकता के रूप में शामिल करने की कोशिश करती है। वह थिएटर भी करती हैं और निंजित्सु नामक मार्शल आर्टस सीख रही हैं। अपने जीवन का प्रमुख लक्ष्य के रूप में पृथा अपने अनुभवों को पूरी तरह से जीने में विश्वास रखती हैं। 


अंकिता


प्रोग्राम एसोसिएट

अंकिता ने अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी, बेंगलुरु से डेवलपमेंट में मास्टर्स डिग्री और स्टेला मैरिस कॉलेज, चेन्नई से सोशियोलॉजी में बैच्लर्स डिग्री प्राप्त की है। मास्टर्स डिग्री की पढ़ाई के दौरान जब वे पब्लिक हेल्थ में विशेषज्ञता प्राप्त कर रही थीं, तब मानसिक स्वास्थ्य के प्रमुख क्षेत्रों में से एक - पब्लिक हेल्थ में अपना करियर बनाने में गहरी रुचि विकसित की। वे मानसिक स्वास्थ्य की पुरज़ोर पक्षसमर्थक हैं और उम्मीद करती हैं एक दिन समाज में मानसिक बीमारी से पीड़ित लोगों के प्रति प्यार और स्वीकृति की भावना होगी। एलएलएल में शामिल होने से पहले वे अर्न्स्ट एंड यंग एलएलपी में शहरी स्वच्छता के क्षेत्र में प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर के रूप में काम करती थीं। उन्हें अपने परिवार एवं कुत्तों से बेहद प्यार है और वे अपने दिन की शुरुआत एक्सरसाइज से करना पसंद करती हैं।

शीर्षा चन्द्र


डिजिटल मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव

शीर्षा ने क्राइस्ट यूनिवर्सिटी से कम्यूनिकेशन और मीडिया, साइकोलॉजी और अंग्रेजी में ट्रिपल डिग्री प्राप्त की है और उनका स्वभाव रचनात्मक और भावुक है। डिजिटल मार्केटिंग में विशेषज्ञ होने के साथ मानसिक स्वास्थ्य के पक्षसमर्थन के जुनून को जोड़कर वे अपने हर काम से सार्थक प्रभाव पैदा करने का प्रयास करती हैं। कला की दुनिया से उन्हें मन बहलाव मिलती है और वे इसका उपयोग अपनी रचनात्मक चाह को पूरी करने के लिए करती हैं।

एनाबेल जी. कोरिया


ईए टु सीईओ

एनाबेल फाउंडेशन के डायरेक्टर की ईए हैं। उन्हें विभिन्न संगठनों के एडमिन डिपार्टमेंट में काम करने का 15 सालों का अनुभव है। उनके पास थियोलॉजी में डिग्री और सेक्रेटेरियल डिप्लोमा है। इससे पहले वे टीम लीड और सीनियर सेक्रेटरी के पद पर काम कर चुकी हैं और अपने अनुभवों के बल-बूते पर फाउंडेशन के एडमिन और अन्य गतिविधियों का प्रबंधन करते समय मजबूत योजना, निष्पादन और आयोजन कुशलता से करती हैं। एनाबेल एक टीम प्लेयर हैं जो दूसरों को प्रोत्साहित करती हैं और हमेशा मदद के लिए तैयार रहती हैं। काम के अलावा वे अपने परिवार के साथ और अपने शौक पर समय बिताना पसंद करती हैं। 

अरुल


एडमिन मैनेजर

अरुल आईटीआई बैकग्राउंड से हैं जहाँ उन्होंने मैकेनिकल फील्ड में प्रशिक्षण प्राप्त की थी। वे इससे पहले 18 सालों तक भारतीय सेना में थे और उस दौरान उन्होंने बतौर एडमिनिसट्रेटर कई भूमिकाएँ निभाई। अरुल बैंगलोर के बैट विंग्स लर्निंग सेंटर में भी काम कर चुके हैं जहाँ वे एडमिन और इवेंट से जुड़ी गतिविधियों को संभालते थे। अरुल के जीवन पर कई तरह के खेलों में भाग लेने का गहरा असर पड़ा है। सेना में रहने के कारण अरुल फाउंडेशन के लक्ष्यों और गतिविधियों के प्रति अपनी जिम्मेदारियाँ समर्पण और अनुशासन से निभाते हैं। अरुल फाउंडेशन में बतौर एडमिन मैनेजर कार्यरत हैं। 

राजा


ऑफिस असिस्टेंट

राजा को हेल्थ एंड ग्लो और गीतांजलि डायमंड्स जैसे रिटेल संगठनों में व्यवस्थापना के कार्यों में 7 साल का अनुभव है। वे मेहनती और अपने काम के प्रति समर्पित हैं और हमेशा मुसकुराते हुए लोगों की मदद के लिए तैयार रहते हैं। ऑफिस के दैनिक प्रशासनिक कार्यों में वे अरुल की मदद करते हैं। राजा खाने के शौकीन हैं। उन्हें संगीत सुनना, प्ले स्टेशन पर खेलना और नई जगहों पर घूमने जाना पसंद है।

कला


हाउसकीपिंग

कला शुरू से ही लिवलवलाफ परिवार का हिस्सा रही हैं। वे समर्पित, मेहनती और अपने काम में कुशल हैं। कला इस बात का ध्यान रखती हैं सुबह-सुबह हर किसी के टेबुल पर गरमागरम फिल्टर कॉफी का प्याला हो ताकि सबका दिन अच्छा बीते।

डोनर और वालंटियर्स

डोनर वित्तीय
वर्ष 2023-2024
एफसीआरए डोनर्स
एफवाई 2023-2024
स्पॉन्सरशिप्स
एफवाई 2023-2024
वालंटियर

प्रशंसा पत्र

हम  2017  से टी एल एल एल एफ के भागीदार हैं और  "आप अकेले नहीं हैं"  प्रोग्राम के माध्यम से  हम अब त‌क  5000  से ज्यादा छात्रों और  300  से ज्यादा शिक्षकों तक पहुंच चुके हैं।  “आप अकेले नहीं हैं” कार्यक्रम के माध्यम से जो बड़ा बदलाव मुझे दिखाई दे रहा है वह है मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता के प्रति ग्रहणशीलता का बढ़ना और यह केवल स्कूली बच्चों और शिक्षकों तक सीमित नहीं है। अब इसमें माता – पिता और प्रशासन भी शामिल हैं, जो वृहत स्कूल पारिस्थितिकी तंत्र / इकालजी का हिस्सा हैं। मुझे लगता है कि यह “आप अकेले नहीं हैं” कार्यक्रम की कुंजी है।

मुझे लगता है कि मेरे लिए सबसे यादगार पल वे रहे हैं जब हम सत्र समाप्त करते हैं और बच्चे कक्षा से बाहर निकलने के बाद हमसे मिलने वापस आते हैं और यह कहकर हमें धन्यवाद देते हैं कि हमने चिंता, अवसाद, शारीरिक छवि को लेकर शर्मिंदा किए जाने के बारे में और बुलिइंग के बारे में चर्चा की। मूल रूप से,  हमने उनके उस अनुभव को एक “नाम” दिया है जिसे वे पहले से‌  ही महसूस कर रहे हैं, और यह वास्तव में उनकी मदद करता है। सत्र में बैठना उनके लिए बहुत राहत भरा था। उन बच्चों के चेहरे मेरे लिए इस अनुभव का सबसे महत्वपूर्ण अंश है।


कनेक्टिंग ट्रस्ट , पुणे

एलएलएल के साथ जुड़ना हमारे लिए बहुत कीमती अनुभव रहा है, क्योंकि उनके माध्यम से हम स्कूलों से संपर्क करके इतने सारे छात्रों की मदद करने में सक्षम हो पाए हैं। इसने हमें स्कूलों,  छात्रों,  प्राचार्यों और शिक्षकों से मिलने और सत्रों को उन तक पहुंचाने के लिए एक मंच दिया है।  साझेदारी का यह सफर अब तक बहुत ही  शानदार रहा है।

जब हम स्कूलों से संपर्क करते हैं तो उत्सुकता का स्तर बहुत ही अधिक होता है। सभी स्कूल इस बात से सहमत हैं कि इस विषय पर जागरूकता फैलाने की आवश्यकता है। कई बार वे हमें खुशी से अनुमति दे देते हैं, मगर कभी-कभी ऐसा भी होता है कि वे आशंकित हो जाते हैं क्योंकि यह एक संवेदनशील विषय है और इसे लेकर आंतरिक चर्चा करने और निर्णय लेने के लिए वे हमसे समय मांगते हैं।

कुल मिलाकर,  जब हम सत्र लेते हैं,  तो वे आमतौर पर  "अवसाद"  और  "चिंता" जैसे शब्दों के बारे में जानते तो हैं,  लेकिन वे ये नहीं जानते कि इनका वास्तव में क्या मतलब है। वे आमतौर पर भ्रमित होते हैं और मानते हैं कि उदासी और अवसाद  ‌एक ही चीज है। सत्र के बाद  कई छात्र हमारे पास यह कहने के लिए आते हैं कि उन्हें जो कुछ भी यहां बताया गया है,  वे उन बातों को अपने अनुभवों के साथ जोड़ पा रहे हैं,  क्योंकि इनमें से कुछ लक्षणों की पहचान वे अपने अंदर या अपने प्रियजनों में कर पा रहे हैं। साथ ही वे हमें यह भी बताते हैं कि यह एक बहुत ही उपयोगी जागरूकता है जो हमने उन तक पहुंचाई है। यही कारण है कि हम इस कार्यक्रम से जुड़े हैं –  जागरूकता को उस स्तर तक पहुंचाना चाहते हैं। ”


मंथन , अहमदाबाद

‘मानसिक स्वास्थ्य’ के अगली महामारी बनने के आसार नज़र आ रहे हैं, और इस संदर्भ में द लिव लव लाफ फाउंडेशन के योगदान की व्यापकता प्रशंसनीय है। यह जानना बहुत संतोषजनक है कि द लिव लव लाफ फाउंडेशन जैसे संगठन मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े कलंक को मिटाने पर काम कर रहे हैं और ऐसे लोगों की सहायता कर रहे हैं जो इन मुद्दों से जूझ रहे हैं।

द लिव लव लाफ फाउंडेशन सामाजिक जागरूकता पैदा करने में एक अहम भूमिका निभा रहा है और अपनी वेबसाइट पर प्रकाशित जानकारी के माध्यम से पीड़ित लोगों तक यह जानकारी पहुंचा रहा है कि मानसिक पीड़ा की स्थिति में वे हमारे हेल्पलाइन पर कॉल कर मदद ले सकते हैं। आपकी गतिशील और दयालु संस्थापक के साथ आपकी प्रतिबद्ध टीम मानसिक स्वास्थ्य के बारे में जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए अपनी ओर से हरसंभव प्रयास कर रहे हैं।

मित्रम फाउंडेशन को इस मूल्यवान कार्य का हिस्सा बनने का सौभाग्य मिला है और हम द लिव लव लाफ फाउंडेशन द्वारा लगातार मिल रहे सहयोग के लिए उनके बहुत आभारी हैं।

कृतज्ञता सहित,

वनिता नवल और डॉ. नितेश दवे

मैनेजिंग ट्रस्टी, मित्रम फाउंडेशन

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